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राम ने विराध को क्यों जीवित ही जमीन में दबा दिया?-भाग 25   

राम का चित्रकूट से दंडकारण्य जाना राम ने अपने वनवास काल चित्रकूट के बाद दंड्कारण्य को अपना दूसरा निवास बनाया था। दंड्कारण्य एक दुर्गम वन था। वहाँ राक्षस और अन्य ख़तरे चित्रकूट की अपेक्षा अधिक थे। ऋषि अत्रि ने उन्हें पहले ही इन खतरों की चेतावनी दे दी थी। लेकिन दुष्ट राक्षसों का वध और …

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