देवी सरस्वती का हाथ अभय मुद्रा में क्यों नहीं होता?

प्रत्येक भारतीय देवी देवताओं का एक प्रतीक शास्त्र होता है। चार या अधिक हाथ इसकी एक मौलिक विशेषता है जो अन्य किसी धर्म में नहीं पाया जाता है। अधिकांश देवी-देवताओं के इन चार में से एक हाथ ऊपर की तरफ होता है, जिसे अभय मुद्रा कहते हैं, और एक नीचे की तरफ जिसे वरद मुद्रा …

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