संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण

राम चारों भाइयों की मृत्यु क्यों नहीं हुई थी?-भाग 74

भगवान राम, उनके तीनों भाई भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न– ये चारों शरीर के साथ ही अपने धाम गए थे। इसलिए इनके लिए मृत्यु शब्द का उपयोग सही नहीं है। इतना ही नहीं कृष्ण अवतार में भी कृष्ण सशरीर ही गए थे। इन पाँचों का मृत शरीर धरती पर नहीं मिला था। सीता पहले ही शरीर …

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राम ने जीवित रहने का आदेश किन पाँच व्यक्तियों को और क्यों दिया?-भाग 73

वाल्मीकि रामायण के उत्तरकाण्ड के अनुसार जब राम ने पृथ्वीलोक छोड़ कर अपने धाम लौटने का निर्णय किया तब उनके साथ बहुत से लोग, वानर, रीछ, राक्षस, ऋषि-मुनि, ब्राह्मण आदि ने भी अपने प्राणों का त्याग कर देने का दृढ़ निश्चय कर लिया। राम ने उन्हें समझा कर रोकना चाहा लेकिन उनकी दृढ़ भक्ति और …

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राम के साथ बहुत-से प्राणियों ने क्यों जलसमाधि लिया?-भाग 72

लगभग ग्यारह हजार वर्षों तक राज्य करने के बाद राम ने देखा कि उनके अवतार लेने का उद्देश्य पूर्ण हो चुका था। अतः अब उन्हें अपने धाम लौट जाना चाहिए। देवता भी अब ऐसा ही मान रहे थे। इसलिए ब्रह्मा ने उन्हें याद दिलाने के लिए काल को भेजा था। लक्ष्मण के स्वर्ग जाने के …

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राम ने लक्ष्मण का परित्याग क्यों किया था?-भाग 71

श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम माने जाते हैं। एक राजा के रूप में वे इतने सफल थे कि रामराज्य आने वाले समय में राजाओं के लिए एक आदर्श बन गया। उनकी लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि उनके साथ एक बड़े प्राणी समूह ने जल समाधि ले ली थी। वे उनके बिना जीवित नहीं रहना चाहते थे। लेकिन …

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राम राज्य की क्या विशेषता थी?-भाग 70

सीता के परित्याग, विशेष रूप से उनके धरती में समा जाने के बाद राम व्यक्तिगत जीवन में मानसिक रुप से खिन्न हो गए थे। लेकिन अपने व्यक्तिगत दुख को उन्होंने कभी भी अपने राजकीय या प्रशासनिक कार्य में बाधा नहीं बनने दिया। कुश और लव को उन्होंने एक आदर्श पिता की तरह पाला। लेकिन उनका …

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राम ने किन राज्यों और नगरों की स्थापना कराया था?-भाग 69

राम चारों भाइयों के दो-दो पुत्र थे। इन आठ कुमारों के लिए आठ राज्यों की स्थापना देश के विभिन्न भागों में हुई। इनमें वर्तमान पाकिस्तान, दिल्ली के आस-पास, नेपाल की तराई, और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे विस्तृत प्रदेश शामिल थे। इन सब में अनेक नगरों की भी स्थापना कराया। वर्तमान लाहौर भी राम के छोटे …

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राम ने शंबूक को क्यों मारा?-भाग 68

जैसे सीता की परीक्षा और निर्वासन के कारण राम को स्त्री विरोधी माना जाने लगा उसी तरह शंबूक की हत्या के कारण उन्हें शूद्र विरोधी भी कई लोग मानते हैं। शंबूक वध का प्रसंग रामायण के विवादास्पद उत्तरकाण्ड में है। कथा के अनुसार शंबूक की हत्या राम के केवल इस कारण कर दिया कि वह …

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वाल्मीकि रामायण और बौद्ध धर्म में क्या संबंध है?-भाग 67

इतिहासकारों के अनुसार छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। बुद्ध भगवान राम के बड़े पुत्र कुश के वंश में ही उनके 46वीं पीढ़ी में हुए थे। इसलिए उन्हें भी राम का वंशज माना जा सकता है। उनके द्वारा स्थापित बौद्ध धर्म लोकप्रियता में न केवल अपने समकालीन जैन, आजीवक आदि …

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क्या राम स्त्री विरोधी थे?-भाग 66

सीता की अग्नि परीक्षा और बाद में किसी और के कहने मात्र से गर्भवती अवस्था में उनका निर्वासन– ये दो ऐसी घटनाएँ हैं जिसके कारण कई लोग राम को स्त्री-विरोधी मानते हैं। आधुनिक स्त्रीवादी लेखक तो इस के आधार पर सनातन धर्म को ही कठघरे में खड़े करते हैं। लेकिन अगर कोई वाल्मीकि कृत रामायण, जो कि …

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सीता ने भूमि प्रवेश क्यों किया?-भाग 65

राम ने नैमिषारण्य में गोमती नदी के तट अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया। इसमें अयोध्या राजपरिवार के सभी सदस्य, उच्चाधिकारी, मंत्री गण, अयोध्या और अन्य जनपदों के ऋषि-मुनि, ब्राह्मण, अनेक राजा, राजकुमार आदि आए थे। राम के मित्र विभीषण, सुग्रीव, अंगद, निषाधराज इत्यादि भी शामिल थे। लक्ष्मण यज्ञ के घोड़े की रक्षा के लिए उसके …

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