मंत्र एवं स्तुति

महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र

(Mahishasura mardini स्तोत्रम् गुरु आदि शंकराचार्य (श्री श्री श्री शंकर भगवतपादाचार्य) द्वारा लिखित देवी दुर्गा का एक बहुत लोकप्रिय भक्ति गीत है। Mahishasura mardini स्तोत्रम् का जाप करने से, दिव्य आनंद, सुरक्षा और देवी महिषासुर मर्दिनी की कृपा प्राप्त हो सकती है, जो अपने भक्तों पर मातृत्व के लिए जानी जाती हैं, जो मोक्ष प्राप्त …

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श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम्  

विष्णु सहस्त्र नाम, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, का अर्थ है विष्णु के एक हजार नाम। सहत्र meanse हजार। अर्थात यह एक ऐसा स्तोत्र है जिसमें भगवान विष्णु का स्मरण उनके एक हजार नामों से किया गया है। ये नाम उनके कार्यों और गुणों के आधार पर हैं।  विष्णु सहस्त्र नाम महान महाकाव्य …

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दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस स्तोत्र के प्रतिदिन पाठ करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर दरिद्रता का नाश कर धन्य-धान्य और अन्य प्रकार के सुखों को प्रदान करते हैं। अगर कोई व्यक्ति कर्ज में डूबा हो या व्यापार में हानि हो रही हो तो उसे अवश्य ही इस …

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कृष्णाष्टकम

आदि गुरु शंकराचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रशंसा में संस्कृत भाषा में इन आठ श्लोक के इस स्तुति की रचना की है। इसीलिए इसे कृष्णाष्टकम नाम दिया। शंकराचार्य के अन्य स्तुति की तरह ये आठ श्लोक भी अपनी मधुरता और गेयता के कारण बहुत ही लोकप्रिय है। ये श्लोक हैं:   वसुदॆव सुतं दॆवं कंस चाणूर …

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रक्षाबंधन मंत्र

राखी यानि रक्षा सूत्र या धागा बांधते समय पढ़ा जाने वाला एक अत्यंत प्रसिद्ध मंत्र है। येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:।तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि, रक्षे माचल माचल:। इसका हिन्दी अर्थ हुआ जो (धर्म रक्षा धागा) दानवों के महाबली राजा बलि को बंधा गया था, वही मैं तुम्हें बांध रही हूँ (या रहा हूँ)। हे रक्षासूत्र! …

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भगवान श्रीकृष्ण का क्लेश नाशक मंत्र

भगवान श्रीकृष्ण का क्लेश नाशक मंत्र (अर्थ सहित) कृष्ण के बहुत से मंत्र हैं लेकिन उनका एक बहुत ही प्रसिद्ध मंत्र है। माना जाता है कि भक्तिपूर्वक इसका जप करने से व्यक्ति क्लेशों से, विशेष रूप से पारिवारिक क्लेशों से मुक्ति पाता है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में अष्टमी तिथि को रात के …

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मधुराष्टकम

कहा जाता है कि एक बार सावन के शुक्ल पक्ष के एकादशी को आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण वल्लभाचार्य के सामने प्रकट हुए। तब आचार्य ने उनकी स्तुति में मधुराष्टकम की रचना की थी। मधुराष्टक, जिसे संस्कृत में मधुराष्टकम कहते हैं, दो शब्दों से मिल कर बना है– मधुर और अष्टकम यानि आठ का समूह। …

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शिव रुद्राष्टकम

शिव रुद्रष्टाक्म भगवान शिव का एक अत्यंत लोकप्रिय स्तोत्र है। शिव के ही एक अन्य अत्यंत लोकप्रिय स्तोत्र शिव तांडव स्तोत्र के विपरीत यह उनके रुद्र रूप की मधुर भाव से वंदना करता है। रुद्र भगवान शिव का ही एक भयंकर रूप माना जाता है। अष्टम या अष्टक ऐसे प्रार्थना को कहते हैं जिसमें आठ …

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