भगवान श्रीकृष्ण का क्लेश नाशक मंत्र

भगवान श्रीकृष्ण का क्लेश नाशक मंत्र (अर्थ सहित)

कृष्ण के बहुत से मंत्र हैं लेकिन उनका एक बहुत ही प्रसिद्ध मंत्र है। माना जाता है कि भक्तिपूर्वक इसका जप करने से व्यक्ति क्लेशों से, विशेष रूप से पारिवारिक क्लेशों से मुक्ति पाता है।

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में अष्टमी तिथि को रात के आठवें मुहूर्त में हुआ था। उनका जन्मोत्सव यानि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन बहुत से लोग व्रत रखते हैं और रात को भगवान के बाल रूप की पूजा करते हैं और जन्मोत्सव मनाते हैं। इस दिन लोग इस मंत्र का विशेष भक्तिभाव से जप करते हैं।

यह मंत्र है:

ॐ श्रीकृष्णाय शरणं मम। या कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:॥

इस मंत्र का अर्थ है कि हे कृष्ण हम आपकी शरण में हैं। हे श्रीहरि, हे वासुदेव, हे परमात्मा, हे हरि गोविंद आपको बार बार नमस्कार। आप हमारे कष्टों का नाश करके हमे सुख प्रदान करें।

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